Ekadashi January Date 2024: एकादशी कब है जनवरी 2024 में | Ekadashi Kab Hai January 2024 Mein

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Ekadashi Kab Hai January 2024 Mein: आप सभी का ब्लॉग में स्वागत है। आज हम एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने वाले हैं, जो हमारे धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है – “एकादशी कब है जनवरी 2024 में?”। जैसा कि हम सभी जानते हैं, एकादशी हमारे हिन्दू कैलेंडर में एक विशेष तिथि है, जिसे हम धार्मिक उपासना और व्रतों के रूप में मानते हैं। इसे ‘हरि का एकादशी’ भी कहा जाता है, जो हमें भगवान विष्णु की समर्पित करते हैं। यह एक सुंदर भारतीय परंपरा है, जो हर साल महान उत्साह और भक्ति के साथ मनाई जाती है।

जनवरी 2024 में एकादशी कब है?

इस वर्ष, जनवरी 2024 में दो अलग-अलग एकादशी तिथियां हैं। पहली एकादशी, जिसे पुत्रदा एकादशी भी कहते हैं, रविवार, 21 जनवरी 2024 को है। और दूसरी एकादशी, जिसे शततिला एकादशी या जया एकादशी के नाम से जाना जाता है, रविवार, 21 जनवरी 2024 को होगी। यह दोनों तिथियां भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं और भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय होती हैं।

पुत्रदा एकादशी के व्रत की महिमा

पुत्रदा एकादशी को गीता जयंती के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शिष्य अर्जुन को भगवद गीता का उपदेश दिया था। यह एकादशी व्रत को सभी गृहस्थ और भक्तों ने विशेष भक्ति भाव से मनाने का उत्साह होता है। इस दिन व्रती लोग निराहार रहकर भगवान विष्णु की पूजा और भजन करते हैं और उन्हें दान और धर्मिक कार्यों करने का विशेष महत्व दिया जाता है।

शततिला एकादशी के व्रत की महिमा

शततिला एकादशी व्रत, माँ जया को समर्पित होता है, जो देवी सती और भगवान शिव की पूर्वजा थीं। इस दिन व्रती लोग माँ जया की पूजा करते हैं और उन्हें विशेष भोजन और भक्ति से समर्पित करते हैं। इसे मनाने से विवाह और परिवार में खुशहाली की प्राप्ति होती है और भक्तों की इच्छाएं पूरी होती हैं।

निष्कर्ष:

इस ब्लॉग पोस्ट में, हमने देखा कि जनवरी 2024 में दो अलग-अलग एकादशी तिथियां हैं – पुत्रदा एकादशी और शततिला एकादशी। ये तिथियां भगवान विष्णु और माँ जया को समर्पित होती हैं और भक्तों के बीच अत्यंत धार्मिक भावना के साथ मनाई जाती हैं। व्रती लोग इन दिनों ध्यान और भक्ति के साथ अपने आपको समर्पित करते हैं और भगवान की कृपा को प्राप्त करते हैं।

FAQs: Ekadashi Kab Hai January 2024 Mein

  1. पुत्रदा एकादशी और शततिला एकादशी में क्या अंतर है?

    पुत्रदा एकादशी और शततिला एकादशी दोनों ही भगवान विष्णु और माँ जया को समर्पित होती हैं, लेकिन उनके पूजा-अर्चना में थोड़ा अंतर होता है। पुत्रदा एकादशी को गीता जयंती के रूप में भी जाना जाता है, जबकि शततिला एकादशी माँ जया को समर्पित होती है, जो भगवान शिव की पूर्वजा थीं।

  2. एकादशी क्यों मानाई जाती है?

    एकादशी को हिन्दू धर्म में बहुत महत्व दिया जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से व्रती लोगों को सुख, समृद्धि, और आनंद की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, एकादशी व्रत से शरीर और मन को शुद्ध करने का भी फायदा होता है और यह आत्मिक उन्नति में मदद करता है।

  3. एकादशी के दिन क्या खाने-पीने की विधि है?

    एकादशी के दिन व्रती लोग निराहार रहकर अन्न, गेहूं, और दाल का सेवन नहीं करते हैं। वे फल, सब्जी, दूध, और दही का सेवन कर सकते हैं। विशेष भोजन और मिठाई बनाने से भी इंकार करना चाहिए।

  4. एकादशी व्रत किस प्रकार करें?

    एकादशी व्रत को आप नियमित रूप से कर सकते हैं। व्रत के दिन सुबह जल स्नान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें। विशेष भक्ति भाव से भजन गाएं और ध्यान करें। व्रत के दिन दान करना और धर्मिक कार्यों में भाग लेना भी उचित होता है।

आप सभी को आनंददायक और शुभ एकादशी की शुभकामनाएं। भगवान विष्णु और माँ जया के चरणों में हमेशा समर्पित रहें और भक्ति भाव से व्रत और पूजा का आनंद लें। हर हर महादेव! हरि बोल! नमस्कार!

By Chand Patel

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